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रेस्क्यू आॅपरेशन एवं जन-जागरूकता अभियान

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चारधाम यात्रा 

विगत वर्षों के भांति वर्ष 2017 में भी चारधाम  यात्रा को सफल एंव सुरक्षित बनाने के लिए राज्य के विभिन्न आपदा सम्भावित क्षेत्रों मे एसडीआरएफ के जवान इन्डक्शन प्लान के अनुसार श्री केदारनाथ, श्री बद्रीनाथ, गंगोत्री एंव यमुनोत्री मार्गों पर तैनात रहें। राहत एंव बचाव कार्यों हेतु एसडीआरएफ पोस्टे केदारनाथ लिनचैली, भीमबली, गौरीकुण्ड, सोनप्रयाग, गौचर, पाण्डुकेश्वर, बद्रीनाथ, भटवाडी, हर्षिल, लंका, भोजवासा, ढालवाला(फ्लड टीम) में व्यवस्थापित रही एंव साथ ही त्वरित एंव हाई एल्टीटयूड रेस्क्यु हेतु एक टीम सहस्त्रधारा हैलीपैड में तैनात रही। एसडीआरएफ टीमों के द्वारा समय समय पर चारधाम यात्रा मार्ग पर अनेकों रेस्क्यु किये गये। फंसे हुए यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों के द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुचांया गया एंव दुर्घटना के दौरान लापता हुए यात्रियों की खोजबीन हेतु गहन सर्चिंग अभियान चलाये गये।

श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा 2017

दिनांक 11.06.2017 से प्रारम्भ कैलाश मानसरोवर यात्रा सकुशल दिनांक 10.09.2017 को सम्पन्न हुयी। इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा में 18 दलों में कुल 917 यात्रियों द्वारा यात्रा में भाग लिया गया, जिसमें 687 पुरूष व 230 महिलायें सम्मिलित थी। श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा में जवानो के द्वारा विषम परिस्थितियों में जोखिम भरे रास्तों से प्रत्येक दल के यात्रियों को लाने व ले जाने में कुल दूरी 118 किमी पैदल व 96 किमी सडक मार्ग से तय की गयी। एसडीआरएफ जवानों के द्वारा यात्रा दलो ंमें सम्मिलित बीमार, घायल, बुजुर्ग व चलने में असमर्थ यात्रियों को सहारा देकर ले जाया गया। एसडीआरएफ पैरामेडिक्सों के द्वारा घायलों की समय समय पर मेडिकल सुविधा उपलब्ध करायी गयी। माह अगस्त में भारी वर्षा के कारण तवाघाट के करीब मार्गो के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण यात्रियों को वैकल्पिक मार्गो से सुरक्षित निकाला गया एंव अन्य क्षतिग्रस्त स्थानों पर रोप रेस्क्यु की सहायता से यात्रियो को पार कराया गया। दिनांक 01.07.17 को 12वें दल के सदस्य श्रीनिवास का सामान लेकर आ रहे घोडें जो असन्तुलित होकर गिर पडा और काली नदी की ओर पहाडी पर अटक गया को टीम के द्वारा सकुशल सामान सहित निकाला गया।

यात्रा में सम्मिलित एसडीआरएफ टीम के द्वारा दिनांक 06.07.17 घटखोला पुल(तवाघाट) के करीब आल्टो कार में पहाडी से पत्थर गिरनें के कारण घायल हुए 04 यात्रियों को तत्काल कार से बाहर निकाला एंव 03 शवों को बरामद किया। टीम के द्वारा सम्पुर्ण यात्रा काल के दौरान 22 रेस्क्यु कार्य किये गये जिनमें 26 घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया एंव 14 शवों को बरामद किया गया।

कॉवड मेला वर्ष -2017

कुम्भ नगरी हरिद्वार मे काॅवड मेले का प्रारम्भ 09 जुलाई 2017 से हुआ।   मेले में  श्रृद्धालुओं की सुरक्षा हेतु एसडीआरएफ की 12-12 सदस्यीय फ्लड टीमों  को क्रमशः हरिद्वार एंव लक्ष्मणझूला ऋषिकेश  में राफ्ट एंव डीप डाईविंग उपकरणों के साथ तैनात किया गया।15 दिवसीय मेले का समापन दिनांक 23.07.2017 को हुआ। ड्युटी के दौरान टीम के द्वारा कुल 13 रेस्क्यु कार्य किये गये, जिसमें 13 कांवडियों को सुरक्षित बचाया गया एवं ऋषिकेश में 03 श्रद्धालुओं के शवों को बरामद कर अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

दिनांक 15.07.17 को एसडीआरएफ टीम के द्वारा 01 कावड़िया सिट्टी गुलिया पुत्र रन सिंह उम्र 18 वर्ष ग्राम बादली जनपद हरियाणा के गंगानदी में बह जाने पर तत्काल रेस्क्यू कर सकुशल बाहर निकाला।

दिनांक 16.07.17 को एसडीआरएफ टीम के द्वारा 02 कावड़िया अरूण शर्मा पुत्र देवी चन्द्र बागवत, गौतम सिंह पुत्र गरूण सिंह छोटे रामनगर जनपद हरियाणा के गंगानदी में बह जाने पर तत्काल रेस्क्यू कर सकुशल बाहर निकाला गया।

दिनांक 16.07.2017 को टीम के द्वारा प्रातः 0800 बजें कांगडा घाट पर स्नान कर रहे एक श्रद्धालु रवि शर्मा पुत्र राजेन्द्र शर्मा निवासी सेक्टर 11 चण्डीगढ के बहने पर राफ्ट की मदद सेे गंगा के मध्य से बाहर निकाला।

 हाई एल्टीट्युड (HART) टीम द्वारा किए गए महत्वपूर्ण रेस्क्यु कार्य

            दिनांक 23.09.16 को केदारनाथ से 18 किमी दूर रांसी मडनि केदारनाथ ट्रेकिग मार्ग पर सात दिवसीय ट्रैकिंग दल के एक सदस्य नाम केजी अनंत पुत्र श्री अय्यर उम्र 63 वर्ष निवासी बंगलुरू, की तबियत बिगड जाने के बाद मौत हो गयी जिसे अन्य सदस्य टेंट में छोड कर आगे बढ गए। 02 दिवस बाद सूचना मिलने के बाद दिनांक 25.09.16 को एस0डी0आर0एफ0 टीम द्वारा बॉडी को रिकवर किया गया।

दिनांक 10.03.17 को समय 1600 बजे धारचूला कंट्रोल रूम से ग्राम सुआ तल्ला में एंवलांच आने पर कुछ व्यक्तियों के दबने की सूचना मिलने पर निरीक्षक श्री भूपेन्द्र भण्डारी के नेत्रत्व में एसडीआरएफ टीम के द्वारा त्वरित रेस्क्यू करते हूये दो नेपाली नागरिको को वर्फ के नीचे से निकाला गया परन्तु तब तक दोनों की मृत्यु हो चुकी थी, जिन्हें कठिन परिस्थितियों में स्टेªचर के माध्यम से धारचूला पहुॅचाया गया एंव अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया। 

            दिनांक 02.01.17 को डोडीताल-हनुमानचट्टी ट्रैकिंग रूट पर तीन टैªकरों के लापता होने की सूूचना मिलने पर आई0जी0 एसडीआरएफ श्री संजय गुंज्याल के निर्देशन पर उत्तरकाशी से 10 सदस्यीय एसडीआरएफ टीम एसआई ओम प्रकाश के हमराह सर्चिग हेतु रवाना हूयीं। टीम द्वारा हनुमानचट्टी से 15 किमी पैदल मार्ग तक सर्चिग करने के पश्चात तीनों ट्रेकर सुरक्षित सकुशल मिल गए। तीनों के नाम कमशः श्रेयास श्रीधर, अभिषेक एंव तपोवर्त निवासी गुडगाँव दिल्ली के निवासी है।

दिनांक 27.05.2017 को उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक के चांगसिल बुग्याल में वज्रपात से बलावट निवासी अमर सिंह(50 वर्ष) एंव लोकेश (31वर्ष) व मौंडा निवासी मोर सिंह की मौके पर ही मौत हो गयी एंव अन्य 07 बुरी तरह झुलसकर घायल हो गये। कुछ घायलों को हैली के माध्यम से पुरोला पहुॅचाया गया परन्तु खराब मौसम होने के कारण अन्य घायलों एंव मृतकों तक हैली की पहुंच नही हो पायी जिस कारण एसडीआरएफ की मदद ली गयी। एसडीआरएफ के द्वारा उच्च तुंगता के क्षेत्र में जाकर चार घायलों और तीन मृतकों को मोरी सीएचसी पहुंचाया गया।  दिनांक 16.08.2017 को भ्यूंडार घाटी के जंगलों में भ्रमण में निकले पर्यटक दम्पति के जंगल में भटक जाने एवं घाटी में फिसलने से चोटिल होने की सूचना एसडीआरएफ टीम को रात्रि 0230 पर प्राप्त हुयी। एसडीआरएफ टीम तत्काल एस0आई0 जयपाल सिंह राणा के नेत्रत्व में रेस्कयु हेतु रवाना हुयी, दुर्गम वीरान क्षेत्र एंव प्रतिकूल परिस्थितियों में गहन सर्चिग के पश्चात 08 किमी दूरी तय कर टीम प्रातः लगभग 600 बजे घायल कमल कुमार पुत्र श्री विजय कुमार एंव श्रीमती तरंग पत्नी कमल कुमार, निवासी शालीमार बाग नई दिल्ली तक पहुंचे, एसडीआरएफ टीम के मेडिकल इंचार्ज के द्वारा दोनों को फस्र्ट एड दिया गया एंव पूर्ण उपचार हेतु गोविन्द घाट अस्पताल पहॅुचाया गया।

दिनांक 26.09.2017 को सूचना  प्राप्त हुई कि कुछ ट्रैकर जो बद्रीनाथ से पैदल ट्रेकिंग करते हुए जनपद रूद्रप्रयाग की सीमा में अवस्थित पनपतिया नामक गिलेश्यिर पर फंस गये है तथा मदद की मांग कर रहे हैं। सूचना प्राप्त होते ही, एसडीआरएफ टीम के साथ जिला पुलिस एंव बचाव दल के कुछ जवान, लापता ट्रैकरों के बचाव हेतु रवाना हुये। उक्त टीम में से एक टीम रात्रि में ही पैदल मदमहेश्वर पहुंची तथा दुसरी टीम को हैली के माध्यम से मय संसाधनों के मदमहेश्वर छोडा गया। टीम के द्वारा घाटी और ग्लेशियर में गहन सर्चिग कर 29 सितम्बर को ट्रेकर दल को स्वजल सरोवर के पास खोज निकाला एंव उक्त दल में से एक ट्रेकर सुप्रियो वर्मन उम्र 47 वर्ष निवासी कोलकाता के शव को लाने हेतु एसडीआरएफ टीम के द्वारा दिनांक 03 अक्टूबर से एक अन्य रेस्क्यू आॅपरेशन चलाया गया एंव दिनांक 06 अक्टूबर को शव को हैली के माध्यम से गुप्तकाशी लाया गया।

            महाराष्ट्र से ट्रैकिंग पर आये टाटा मोटर्स के ट्रेकिंग दल  के 01 सदस्य  की 12 सितम्बर को प्रातः 0830 बजे बेस कैम्प से दुमदार काठी के बीच हृदय गति रूकने से मौत हो गयी एंव शेष सदस्यों के द्वारा स्वास्थ्य परेशानी एंव अत्यधिक  थकान के कारण एसडीआरएफ से सहायता हेतु सूचना दी। जिस पर एसडीआरएफ की टीम इंस्पेक्टर विकास पुण्डीर के हमराह हर्षिल से रेस्कयू हेतु राकिया बेस कैम्प के लिए रवाना हुयी एंव  टेªकिगं दल के सदस्यों को लगभग 09 किमी की दूरी से सकुशल हर्षिल लाया गया। राकिया बेस कैम्प जो 30 किमी की दूरी पर था एंव लगभग 1500 मीटर की ऊॅचाई पर था पर शव को लाने हेतु एक चार सदस्यीय टीम सहस्त्रधारा से हैली के माध्यम से हर्षिल एंव तत्पश्चात घटनास्थल राकिया कैम्प पहुंची एंव शव को हैली के माध्यम से सहस्त्रधारा हैलीपेड पहॅुचाया गया।

            दिं0 04.10.2017 को जनपद चमोली में रूपकुण्ड पैदल मार्ग से वापस आते हुये एक ट्रेकर आशीष जोशी उम्र 38 वर्ष निवासी एल0बी0एस0, घाटकोपर वेस्ट मुम्बई जो बेदनी बुग्याल में चोटिल होने से चलने में असमर्थ होने के कारण वहां फंस गया। दूरस्थ व निर्जन स्थान होने की स्थिति में किसी प्रकार की सहायता न मिलने पर एसडीआरएफ द्वारा लगाए गए साइन बोर्ड पर लिखे सम्पर्क नम्बरों पर सम्पर्क कर मदद मांगी। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ के द्वारा सिविल ऐविऐशन के चैपर की मदद से एक टीम को रेस्क्यु हेतु बेदिनी बुग्याल भेजा गया परन्तु मौसम खराब होने के कारण चैपर बेदिनी बुग्याल पर लैण्ड नहीं  हो सका। इस दौरान एसडीआरएफ द्वारा ट्रेकर श्री आशीष जोशी से सम्पर्क कर सुरक्षा संबधित आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। अगले दिन प्रातः टीम द्वारा पुनः चैपर से बेदिनी बुग्याल पर लैण्ड किया गया तथा ट्रेकर आशीष जोशी को घटनास्थल पर ही प्राथमिक उपचार प्रदान कर सुरक्षित सहस्त्रधारा हैलीपेड लाकर एंबुलेंस द्वारा मैक्स अस्पताल पहुंचाया गया। 

सतोपंथ आरोहण

उत्तराखण्ड राज्य के हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली किसी भी दुर्घटना, खोज एवं बचाव अभियानों के दौरान मानव क्षति को न्यूनतम कर सफलता की दर बढ़ाने एवं एस.डी.आर.एफ. हाई एल्टिट्यूड रेस्क्यू टीम (HART) की उच्चतुंगात्मक क्षेत्रों में कार्यक्षमता को बढ़ाये जाने के साथ-साथ विषम भौगोलिक परिस्थिति में प्रशिक्षण दिये जाने के दृष्टिगत् दिनांक 18 मई 2017 को तत्कालीन पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री एम.ए.गणपति द्वारा एस.डी.आर.एफ. की 17 सदस्य हाई मान्ट्रेनियरिंग रेस्क्यू टीम को सतोपन्थ पर्वत (ऊचांई 23263 फीट/7075 मीटर) हेतु फ्लैग ऑफ कर रवाना किया गया था।

उक्त सतोपन्थ पर्वत आरोहण के दौरान ही दिनांक 05 जून 2017 को वासुकीताल से 08 किमी. आगे करीब 5200 मीटर की ऊंचाई पर 06 सदस्यी पर्वतारोही दल के एक पर्वतारोही श्री प्रयांग चौधरी, निवासी-नोएड़ा, उम्र करीब 24 वर्ष के एडवांस बैस कैम्प (ए.बी.सी.) व कैम्प 01 के मध्य मौजूद सुराले ग्लेशियर में 50 फीट गहरे कैरावास में गिर जाने पर एस.डी.आर.एफ. की हाई एल्टिट्यूड रेस्क्यू टीम (HART) द्वारा विषम भौगोलिक परिस्थिति में भी अदम्य साहस का परिचय देते हुयें अत्याधुनिक हाई मान्ट्रेनियरिंग रेस्क्यू उपकरणों का प्रयोग कर अपनी जान का जोखिम होते हुए भी 50 फीट गहरे कैरावास से चोटिल पर्वतारोही श्री प्रयांग चौधरी को निकाला गया व मौके पर प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। एस.डी.आर.एफ. द्वारा अत्यधिक विषम परिस्थिति में किये गये इस सराहनीय रेस्क्यू कार्य को दृष्टिगत् रखते हुये एस.डी.आर.एफ. टीम के सदस्यो को प्रधानमंत्री जीवन रक्षक पदक हेतु नामित किया जा रहा है तथा उक्त साहासिक रेस्क्यू कार्य करने वाले सदस्यो में उपनिरीक्षक श्री सतीश कुमार शर्मा, कांन्सटेबल सूर्यकान्त उनियाल, फायरमैन रवि चैहान, फायरमैन प्रवीण सिंह, कां0 विरेन्दर प्रसाद काला, कां0 सुशील कुमार मौजूद थे।

राहत एंव बचाव कार्य

1- दिनांक 04.09.16 को सांय लगभग 1600 बजे नैनीताल से लगभग 10 किमी दूर खुरपाताल में एक स्थानीय युवक के डूबने की सूचना मिलने पर एस0डी0आर0एफ0 टीम द्वारा हे0का0 जितेन्द्र गिरी के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया गया। रात्रि को अंधेरा अधिक होने के कारण सर्चिग में सफलता ना मिलनें के कारण प्रातः पुनः डीप डाइविंग टीम द्वारा सर्च प्रारम्भ किया गया। समय लगभग 0830 बजे झील में लगभग 20 फीट गह राई से लापता युवक का शव बरामद किया गया जिसकी पहचान सूरज पंत पुत्र श्री कैलाश पंत उम्र 18 वर्ष निवासी खुरपाताल नैनीताल, परिजनों द्वारा की गयी। जिसे अग्रिम कार्यवाही हेतु स्थानीय पूलिस के सुपुर्द किया गया।

2-      दिनांक 16.10.16 को उत्तरकाशी में गंगा नदी में अचानक जल स्तर बढ जाने के कारण दो लोगों के नदी में फॅसे होने की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ टीम द्वारा त्वरित रेस्क्यु किया गया। नदी में बहाव तेज होने के कारण टीम को कडी मशक्कत करनी पडी। दो घंटे चले रेस्क्यु के बाद दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

दिनांक 20.10.16 को नैनीताल झील में एक व्यक्ति के डूबने की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की फ्लड टीम द्वारा हे0का0 जितेन्द्र गिरी के नेतृत्व में सर्चिंग आपरेशन चलाकर झील में से शव बरामद कर सिविल पुलिस के सुपुर्द किया। मृतक की पहचान लवेंद्र बिष्ट उर्फ लवी पुत्र श्री टीका सिंह बिष्ट उम्र 17 वर्ष निवासी गेठिया गांव , परिजनों द्वारा की गयी।

3-      दिनांक 02.01.17 को मुबई से ऋषिकेश घूमने आए छात्रों के दल में से दो छात्रों के डूबने की सूचना पर ऋषिकेश में व्यवस्थापित एसडीआरएफ की फ्लड टीम द्वारा गहन सर्चिग की गयी।  दिनांक 08.01.17 को एस.आई कविन्द्र सजवाण के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम द्वारा गहन सर्चिग के बाद त्रिवेणीघाट से एक शव बरामद हुआ जिसकी पहचान करन जाधव पुत्र सूर्यकांत जाधव निवासी के रूप में हुई। इसी क्रम में दिनांक 13.01.17 को दूसरा शव गंगा बैराज से बरामद हुआ जिसकी पहचान विनय सेठी (20) पुत्र विजय सेठी निवासी मुबई के रूप में हुई। उक्त शवों अग्रिम कार्यवाही हेतु स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया गया। 

4-       दिनांक 24.03.17 को एक व्यक्ति के टनकपुर बैराज में डूबने की सूचना मिलने पर नैनीताल में व्यवस्थापित एसडीआरएफ की फ्लड टीम के द्वारा बैराज में गहन सर्च अभियान चलाया गया। सर्चिंग के दौरान टीम को एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ जिसकी पहचान बालम सिंह पुत्र प्रेम सिंह भट्रोजखा जो ग्रिफ टनकपुर में नियुक्त था, के रूप में हुयी। शव को अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सूपुर्द किया गया। 

5-      दिनांक 08.04.17 को समय 1530 बजे एक युवक के गंगा नदी में डूबने की सूचना मिलनें पर इंस्पेक्टर श्री जितेन्द्र जोशी के नेत्रत्व में एसडीआरएफ टीम के द्वारा सर्चिंग अभियान चलाया गया, एक घंटे की कडी मशक्कत के पश्चात लक्ष्मण झूला घाट ऋषिकेश के करीब मनीष शर्मा पुत्र श्री राम शंकर शर्मा दिल्ली निवासी का शव बरामद कर अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

6-       दिनांक 14.04.2017 को कोतवाली मुनिकीरेती से लक्ष्मण झूला के पास एक व्यक्ति के डूबने की सूचना मिलने पर हे0का0 सचिन रावत के नेत्रत्व में एसडीआरएफ की डीप डाईविंग टीम के द्वारा सर्चिंग कर एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया जिसकी पहचान दानेश्वर सिंह पुत्र श्री सोहन लाल निवासी हिमाचल प्रदेश के रूप में हुयी। शव को अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया। 

7-         दिनांक 03.08.2017 को चोरगलिया में एक वृद्धा का अंतिम संस्कार करने कुछ ग्रामीण  नंदौर नदी पार कर  कैलाश नदी  के किनारे गये हुए थे, अंतिम संस्कार के पश्चात कुछ लोग वापिस आ गये जबकि कुछ लोग वही रूक गये, इसी बीच नदी का जलस्तर बढ जाने के कारण वह नदी के बीच बने टापु पर ही फंस गये। जिसकी सूचना स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम नैनीताल को दी गयी। एसडीआरएफ एंव सिविल पुलिस रेस्कयु हेतु तत्काल रवाना हुयी। तेज तुफानी बरसाती नाले में राफ्ट की मदद से रेस्कयु मुश्किल प्रतीत हो रहा था एसडीआरएफ जवानों  के 10 घंटे की जद्दोजहद के बाद सभी फंसे हुये ग्रामीणो को सुरक्षित निकाला, ग्रामीणो एंव स्थानीय मिडिया के द्वारा आभार व्यक्त किया गया। उपजिलाधिकारी द्वारा एसडीआरएफ को नगद इनाम से प्रोत्साहित भी किया गया।

8- दिनांक 20.08.16 को समय लगभग 1900 बजे पाबौ ब्लॉक पौडी तहसील अन्तर्गत मारखोला गाँव में हुए अतिवृष्टि से हुए भुस्खलन में एक भवन के एक ही परिवार के 09 लोगों के दबे होने की सुचना मिलने पर एसडीआरएफ की 16 सदस्यीय टीम घटनास्थल को एस आई प्रमोद रावत और एस आई देवेन्द्र कुमार के नेतृत्व में रवाना हुयी। चम्पेश्वर के करीब रोड ब्लॉक होने के कारण टीम करीब रात्रि 0300 बजे मौके पर पहूँची। टीम के द्वारा अत्याधुनिक उपकरणों का प्रयोग करते हुए लेंटर एंव सरियों को काटकर 02 डेडबॉडी रिकवर की गयी। स्थानीय जनता के द्वारा पूर्व में ही लगभग समय 2230 बजे तक 05 डेडबॉडी तथा 02 घायलों को निकाल लिया गया था। समय लगभग 0700 बजे ऑपरेशन समाप्त हुआ।

9- दिनांक 11.09.16 को समय 0900 बजे पांडुकेश्वर के करीब पिनोला नामक स्थान पर एक जाइलो कार जिसमें आर्मी अफसर(कर्नल) अपनी धर्मपत्नी, बच्चे एंव ड्राइवर सहित सवार थे, के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने पर निरीक्षक श्री पूरण सिंह तोमर के नेतृत्व में एस0डी0आर0एफ0 की 15 सदस्यीय टीम रेस्कयु हेतु रवाना हुयी। आधे घण्टे चले रेस्कयु के दौरान 03 घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर बाद प्राथमिक उपचार आर्मी एम्बुलेंस द्वारा जोशीमठ भेजा गया। एक मृतिका का शव बरामद कर अग्रिम कार्यवाही हेतु स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया गया।

10- दिनांक 13.09.16 को छोटी लिनचोली केदारनाथ के पास एक व्यक्ति जगदीश प्रसाद पुत्र श्री रूप लाल निवासी गुलाबपुरा राजस्थान उम्र 72 वर्ष का स्वास्थ्य हृदयाघात पडने के कारण अत्यधिक खराब हो गया जिसे एस0डी0आर0एफ0 टीम द्वारा रेस्क्यु कर गौरीकुण्ड अस्पताल पहुॅचाया गया। डाॅक्टरों द्वारा व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया।          

11- दिनांक 01.10.2016 को समय लगभग 1000 बजे जनपद पिथौरागढ में गंगोलीहाट मार्ग पर डोरा बैंड के पास एक वैगनआर कार के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने पर एस0डी0आर0एफ0 के हे0का0 देवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम द्वारा त्वरित रेस्कयु किया गया। टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुॅचकर 03 व्यक्तियों भूपाल सिंह, निवासी- अस्कोडा, श्याम सिंह बूगला, निवासी- नगल्टी एंव प्रकाश राम, निवासी देवलहाट के शवों को 1000 फीट गहरी खाई संे निकालकर अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

12-  दिनांक 11.10.2016 को समय सांय लगभग 5ः00 बजे गौचर से 400 मीटर आगे एक आल्टो कार के 200 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ टीम के द्वारा त्वरित रेस्क्यु किया गया। टीम द्वारा मौके पर पहुंच कर 03 घायलों दीपक सिंह पुत्र श्री विजय पाल सिंह, आशीष सिंह पुत्र श्री हरीश रावत एंव रोहित पुत्र श्री पान सिंह, सभी निवासी ग्राम सिनाउ, तहसील पोखरी, को रेस्क्यु कर बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया एंव 01 व्यक्ति विपिन सिंह पुत्र श्री धीरज पाल सिंह, निवासी- पोखरी का शव बरामद कर सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

13- दिनांक 11.10.2016 को पांडुकेश्वर लामबगड में सांय समय लगभग 5ः30 बजे एक बोलेरो वाहन यूके 011टीए 1262 जिसमें 03 लोग सवार थे, के खाई में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने एसडीआरएफ टीम द्वारा निरीक्षक श्री पूरण सिंह तोमर के नेतृत्व में त्वरित रेस्क्यु किया गया। टीम द्वारा 02 घायलों प्रकाश चन्द सती पुत्र श्री डी पी सती उम्र 38 वर्ष निवासी बौरा बांसवाडा नंदप्रयाग एंव दिनेश लाल पुत्र श्री भागु राम उम्र 41 वर्ष निवासी बांसवाडा नंदप्रयाग को रेस्क्यु कर गाडी से बाहर निकाल बाद प्राथमिक उपचार जोशीमठ अस्पताल पहुंचाया गया  एव बलवीर सिंह नेगी पुत्र श्री खिलाफ सिंह नेगी उम्र 33 वर्ष का शव बरामद कर अग्रिम कार्यावाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

14- दिनांक 15.10.16 को समय रात्रि 12:00 बजे देवप्रयाग के नजदीक सकनिधार में रिटज कार (क्स्7ब्  4539) के 500 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने पर एस आई कविन्द्र सजवाण के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम रेस्क्यु हेतु घटनास्थल की ओर रवाना हुयी। टीम द्वारा मौके पर पहुंच कर ऋषिपाल चंदेल पुत्र श्री दयाराम चंदेल, निवासी- गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश, विजेंद्र नागर पुत्र श्री रूप सिंह नागर, निवासी- गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश, अरविंद कुमार पुत्र श्री बिन्देश्वरी, निवासी-वेस्ट दिल्ली एंव योगेश कुमार गौड पुत्र श्री ओम प्रकाश गौड, निवासी-नई दिल्ली के शवों को खाई से बाहर निकाल कर अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

15- दिनांक 31.12.16 को मसूरी रोड पर हाथी पाँव के पास एक कार के दुर्घटना ग्रस्त होने की सूचना मिलने पर सहस़़्त्रधारा में व्यवस्थित एसडीआरएफ टीम तुरन्त त्वरित रेस्क्यू हेतु रवाना हुई। घटनास्थल पर पहूँचकर टीम द्वारा 250 मीटर गहरी खाई से रोप रेस्क्यू के माध्यम से 07 जीवित लोगों को सकुशल निकाला गया एंव 02 लोगों का शव बरामद कर अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

16- दिनांक 31.12.16 को समय 9:30 बजे श्रीनगर से उत्तरकाशी आ रहे ट्रक के देवीधार में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ टीम रेस्क्यु हेतु घटनास्थल पर रवाना हुई। निरीक्षक श्री पूरण सिंह तोमर के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम द्वाराघटनास्थल से ट्रक चालक कमल कुमार निवासी रिखणीखाल का शव 250 मीटर गहरी खाई से रोप स्ट्रेचर के माध्यम से बरामद कर सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

17-    दिनांक 08.01.17 को समय लगभग 4:30 बजे मसूरी-चंम्बा रोड पर बाटाचैकी के पास एक्सयूवी कार संख्या डीएल 3770 के 150 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने पर सहस्त्रधारा में व्यवस्थापित एसडीआरएफ टीम एस0आई0 सतीश शर्मा के नेतृत्व में त्वरित रेस्क्यू हेतु रवाना हुई। एसडीआरएफ टीम, सिविल पुलिस एंव आईटीबीपी के संयुक्त प्रयास से घटनास्थल से 06 लोगों को सकुशल निकाल लिया गया। घायलोें के नाम क्रमशः वैभव, सौरभ गंगवार, कुमारी कनक, पूजा, भानु प्रताप एंव राजेन्द्र है।

18-     दिनांक 18.01.2017 को सोनप्रयाग से देहरादून आ रहे सोनप्रयाग थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामकुमार जुआल की कार के रूद्रप्रयाग-गौरीकुण्ड हाइवे पर काकडागाड के पास मंदाकिनी नदी में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पर एसडीआरएफ टीम के द्वारा पांच घंटे की कडी मेहनत के बाद उनका शव मंदाकिनी नदी से बरामद कर अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

19-    दिनांक 29.01.17 को सांय समय 0830 बजे नैनीताल से 16 किमी दूर मंगोली चैकी के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार(UK04TA 6801) के 600 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने पर एच0सी0 जितेन्द्र गिरी के नेतृत्व में नैनीताल में व्यवस्थापित एस0डी0आर0एफ टीम के द्वारा त्वरित रेस्क्यु किया गया। टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुॅचकर 03 घायलों हेमा बिष्ट उम्र-35 वर्ष, शुभम उम्र-17 वर्ष, भास्कर उम्र-14 वर्ष को रोप रेस्क्यू के माध्यम से सुरक्षित निकालकर प्राथमिक चिकित्सा सेवा के सुपुर्द किया गया एंव 03 शवों जिनकी पहचान हीरा सिंह बिष्ट उम्र-45 वर्ष, कुन्दन प्रसाद उम्र-40 वर्ष, चन्दन सिंह उम्र-32 वर्ष के रूप में हुयी। शवों को बरामद कर अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द किया गया।

20- दिनांक 20.02.17 को रात्रि 08ः00 बजे वाहन संख्या0 यूके02टीए1094 के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने पर कपकोट में व्यवस्थित एसडीआरएफ टीम के द्वारा त्वरित रेस्क्यू करते हुए वाहन चालक हुक्म सिंह पुत्र श्री मोहन सिंह उम्र 35 वर्ष को अचेत अवस्था में 400 फुट गहरी खाई से निकालकर बाद प्राथमिक उपचार चिकित्सा सेवा के सुपुर्द किया।   

जनजागरूकता अभियान

जन जागरूकता अभियान किसी भी प्रकार की आपदा में बचाव का सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिन्दु है चूंकि किसी भी प्रकार की आपदा में स्थानीय जनता ही फर्स्ट रेसपोन्डर होती है। यदि स्थानीय जनता को आपदा बचाव से सम्बन्धित मूलभूत ज्ञान प्राप्त हो तो वह स्वयं का बचाव करते हुए प्रशिक्षित राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) के पहुँचने से पूर्व प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर आपदा से होने वाले क्षति को कम कर सकते हैं।

जनजागरूकता अभियान के अन्तर्गत एमएफआर, सीएसएसआर, फ्लड रेस्क्यु, रोप रेस्क्यु, आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। एमएफआर के अन्तर्गत सीपीआर देना, ब्लीडिंग कंट्रोल करना, स्पिलिंट बाॅधना, बीपी चैक करना, फिजिकल एसेसमेन्ट, इम्प्रोवाइज्ड तरीके से घायल व्यक्ति को स्टैबलाइज करना, आदि के बारे में बताया गया। सीएसएसआर के अन्तर्गत कोलेप्स बिल्डिग में से हैली मैथड, कैनाइन मैथड से विक्टिम सर्च करना एंव निकालना, उपकरणों जैसे रोटरी रेस्क्यु सॉ, एंगल कटर, चिपिंग हैमर ड्रिल आदि का प्रयोग करने के बारे में जानकारी दी जाती है। रोप रेस्क्यु में रिवर वैली क्रासिंग, पिगी बैग कैरी, ब्रहमा ब्रिज बनाना, रोप लेडर बनाना, रॉक क्लाइमिंग, रैपलिंग आदि के बारे में बताया गया। फ्लड रेस्क्यु में बाढ से बचने के लिए इम्प्रोवाइज्ड तरीकों से फ्लोंटिग डिवाइस बनाने के बारे में जानकारी दी गयी।

वर्तमान समय तक एस.डी.आर.एफ वाहिनी द्वारा निम्न गांवों/क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाया जा चुका है।

जनपद चमोली- रेणी, रायगढी, तपोवन, बडागॉव, पाण्डुकेश्वर, थैंग, जोशीमठ, उर्गम, डुमक, कलगौंठ, गोविन्दघाट, लामबगड, सुनील गॉव, पैनी, सैलंग, सिंहपुरा, विरही, क्षेत्रपाल, कोटियाल सैंण, कसवाघाट, तीरफाक, नन्दप्रयाग, तफेना, कालेश्वर, नसीर बाजार, मस्किट बाजार, राठीबगड, केदारबगड, हरमनी, सुनला, सिंगलसैंण,नगरासु, गोचर, कर्णप्रयाग, ल्वाणी ।

जनपद रूद्रप्रयाग- फाटा, बडासु, अगस्तमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, कालीमठ, सैनीगॉव, रूद्रप्रयाग।

जनपद उत्तरकाशी-  मांडु, लक्षेश्वर, गंगोरी, ज्ञानशु, मातली, चामकोट, गेवला, डूंडा, रतुडीसेरा, दिलसौड, उत्तरो, संगमचट्टी, नैताली, भटवाडी, सैंज, धरासु बैंड, बरमखाल, नालापानी, बडेथी, छटांगा, खरादी, बडकोट, स्याणाचट्टी, बाढिया, रानाचट्टी, हनुमानचट्टी, फूलचट्टी, नारदचट्टी, रा0इ0का0 हर्षिल, पु0ला0 उत्तरकाशी, रा0इ0का0 झाला, मा0वि0 खरसाली रा0इ0का0 बडकोट।

जनपद टिहरी गढवाल- शिशमझाडी थाना मुनिकीरेती, रा0उ0मा0 दुवाधार, देवप्रयाग ब्लॉक, रा0उ0मा0 घनसाली, कोनवेन्ट स्कूल वी पुरम नई टिहरी, गर्ल्स इण्टर कॉलेज चम्बा, व्यापार सभा कैम्पटी, रा0उ0मा0 डंगचैरा कीर्तिनगर, डी0पी0 कॉलेज नरेन्द्रनगर, राजकीय पॉलटेक्निक कॉलेज, नरेन्द्रनगर, फायर स्टेशन टिहरी गढवाल, पी0टी0सी नरेन्द्रनगर में,

जनपद देहरादून- पी.एम.एस. स्कूल पु0ला0 देहरादून, गुरूनानक इन वेल पब्लिक स्कूल, रेसकोर्स, गुरूनानक पब्लिक गल्र्स इण्टर कॉलेज, दून कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल, लिटिल फ्लावर पब्लिक स्कूल, देहरादून 42 ब्रिगेड आर्मी, गढी कैन्ट देहरादून, हिमालयन हॉस्पिटल जॉलीग्रांट।

जनपद पिथौरागढ- जी0आई0सी जौलजीवी, ग्वाली, बलवाकोट, डीडीहाट, पांगला, जी0आई0सी0 मुन्सयारी, गांव घाट, हल्दु, खोलिया, हेलपिया, जिमकोट, बगडीघाट, कोहली, हुडकी, गरारी, जिमीवार, सेमर, डुंगर, तला, पापडी, गिरगॉव, किमखेत, डोर, पु0ला0 पिथौरागढ।

जनपद अल्मोडा- स्यालीधार, डीनापानी, श्री दत्त इण्टर काॅलेज अल्मोडा, स्यालीखेत, लोधिया, सल्ट, द्वाराहाट, चैखुटिया, जी0जी0आई0सी0 अल्मोडा, फायर स्टेशन अल्मोडा, कोतवाली अल्मोडा, फायर स्टेशन रानीखेत, फायर स्टेशन रानीखेत मे इत्यादि स्थानों में अवेयरनेस प्रोग्राम किए गए।