Print Good Work 30 Oct 2021

कोतवाली पटेलनगर द्वारा उत्तराखण्ड के विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर करोडों रुपये हडपाने वाले गिरोह का पटेलनगर पुलिस ने किया खुलासा, गिरोह के मुख्य सदस्य को किया गिरफ्तार, गिरोह के सदस्यों द्वारा अलग-अलग व्यक्तियों से धोखाधडी कर बड़े स्तर पर लिये गये करोडों रुपये, गिरोह के सदस्य स्वयं को सचिवालय मे नाडा अधिकारी बताकर करते थे धोखाधडी, आवेदकों को देते थे फर्जी नियुक्ति पत्र दिनांक (0/10/20? | को वादी श्री मनीष कुमार पुत्र श्री रामगोपाल निवासी गौशाला नदी रोड मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश द्वारा एक प्रा0५। कोतवाली पटेलनगर पर दिया गया, जिसमे उनके द्वारा अभियुक्त कमल किशोर पाण्डेय, मनोज नेगी, चेतन पाण्डेय, ललित निबट द्वारा वादी एवं वादी के स सानाधियों की उत्तराखण्ड के सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुल (200000/- (नासठ लाख रूपये) की धनराशि हडपने, कमल किशोर पाण्डेय द्वारा प्रशासनिक अधिकारी व ललित लिए द्वारा सचिवालय मे सचिव के पद पर व मनोज नेगी द्वारा खुद को अपर सचिव के पद पर नियुक्त बताने एवं धनराशि प्राप्त कर फर्जी नियुक्ति पत्र देना अंकित किया गया। जिस पर थाना पटेलनगर पर मु0अ0स0 536/2021 धारा 420/406/467/468/471 भादवि बनाम कमल किशोर पाण्डेय आदि 4 आरोपियों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पटेलनगर देहरादून द्वारा स्वंय के नेतृत्व मे अलग-अलग पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा की गयी कार्यवाही:- पुलिस टीम द्वारा वादी व अन्य पीडित व्यक्तियों से गहनता से पूछताछ की गई। वादी/पीडितों तथा अभियुक्तगणो के मोबाइल नम्बर व बैंक खातों की जानकारी प्राप्त की गई । मोबाइल नम्बरों की कॉल डिटेल प्राप्त की गई, उनका अवलोकन करने पाया गया कि अभियुक्त गणो द्वारा घटना की तिथि को वादी / पीडितों से वार्ता की गई है एवं विभिन्न घटना स्थलो पर वादी व अभियुक्त गणो की लोकेशन एक ही स्थान पर होना पाया गया । अभियुक्त गणो के खातों की बैंको से लेन-देन का विवरण प्राप्त करने पर अभियुक्त गणो के खातों वादी/पीडितों द्वारा समय-समय पर लाखों रुपये जमा कराना पाया गया एवं अभियुक्त गणो के खातों से करोडों रुपये का लेन-देन होना पाया गया। अभियुक्त गणो के विरुद्व पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर मुखबिर तन्त्र मजबूत करते हुए अभियुक्त गणों के सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी गई, किन्तु अभियुक्त लगातार फरार होना पाये गये एवं मोबाइल फोन स्विच आफ होना पाये जाने पर पुलिस टीम द्वारा कडी मेहनत कर अभियुक्त गणो के परिचितों / परिजनों, दोस्तो व अन्य व्यक्तियों से अभियुक्त गणो के सम्बन्ध मे जानकारी प्राप्त की गई, जिसके परिणाम स्वरुप कल दिनांक 30-10-2021 को गिरोह के सरगना व मुख्य आरोपी कमल किशोर पाण्डेय को त्यागी रोड संगम होटल के पास से गिरफ्तार किया गया, अभियुक्त से गहनता से पूछताछ करने पर उसके व उसके अन्य सदस्यों द्वारा सचिवालय में अपने आप को बडा अधिकारी बताकर कई व्यक्तियों से उत्तराखण्ड के विभिन्न सरकारी विभागो में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये लेना स्वीकार किया गया। इसके अतिरिक्त अभियुक्त कमल किशोर पाण्डेय द्वारा आवेदको को इण्टरव्यू के लिए सचिवालय व विधानसभा ले जाना एवं आवेदको को फर्जी नियुक्ति पत्र देना स्वीकार किया गया। अभियुक्त को आज मा0न्यायालय में पेश किया जायेगा । सचिवालय/विधानसभा के अन्य लोगों की भी संलिप्तता होने की सम्भावना है।

Published On: 30-10-2021