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रेस्क्यू आॅपरेशन एवं जन-जागरूकता अभियान

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चारधाम यात्रा वर्ष-2014 मे एस.डी.आर.एफ.

चारधाम यात्रा को सफल व सुरक्षित बनाने हेतु एस.डी.आर.एफ. की टीमें केदारनाथ यात्रा में चार पोस्टो में गौरीकुण्ड, भीमबली, लिनचैली एवं केदारनाथ मंदिर में तैनात थी, इसके अतिरिक्त एक-एक टीम बद्रीनाथ यात्रा हेतु लामबगड, गंगोत्री व यमुनौत्री यात्रा हेतु हर्षिल तथा हेमकुण्ड साहिब में तैनात रही।

सम्पूर्ण चारधाम यात्रा में एस.डी.आर.एफ. की तैनाती आपदा सम्भावित क्षेत्रों में रही तथा यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की प्राकृतिक व अप्राकृतिक आपदा के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं जनता के साथ मिलकर कार्य किया गया व सफल एवं सुरक्षित चारधाम यात्रा में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया।

 

श्री नन्दा देवी राजजात यात्रा वर्ष-2014

  1. श्री नन्दा देवी राजजात यात्रा में श्री संजय गुंज्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, एस.डी.आर.एफ. व सुश्री पी. रेणुका देवी, सेनानायक, एस.डी.आर.एफ. के नेतृत्व में एस.डी.आर.एफ. की लगभग 150 सदस्यीय टीम को श्री नन्दा देवी राजजात यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र के निर्जन पड़ावों पर विशेष कर उच्चतंुगता क्षेत्र में राहत, बचाव तथा भीड नियंत्रण व पथ प्रबन्धन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।
  2. दिनांक 23.08.2014 को शासन स्तर पर महत्वपूर्ण गोष्ठी के दौरान माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार यद्यपि जिला चमोली के द्वारा समस्त प्रशासनिक व्यवस्था की गई परन्तु अतिरिक्त व्यवस्था के रूप में वेदनी बुग्याल से ऊपर के समस्त दुगर्म व निर्जन पड़ावों विशेषकर पातल नचैणिया, शिला समुद्र चन्दनिया घाट, लाता खोपडी में एस.डी.आर.एफ. को भी मुख्यतः दोनों पहर का भोजन एवं लंगर की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई ।
  3. इसी क्रम में खराब मौसम व अन्य विभिन्न कारणों के आधार पर लगभग 12 से 15 हजार श्रद्धालुओं को एस.डी.आर.एफ. द्वारा वेदनी से वापस बाण जाने हेतु प्रेरित किया। यात्रा के दौरान एस.डी.आर.एफ. जवानों द्वारा मूर्छित व अर्द्धमूर्छित लगभग 22 बीमार एवं घायल श्रद्वालुओं को अति दुर्गम स्थानों से रेस्क्यू कर सुरक्षित एस.डी.आर.एफ. कैम्प में पहुचाकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
  4. प्रत्येक रात्रि में दो पड़ावों के बीच एस.डी.आर.एफ. की रेस्क्यू टीम द्वारा थके, घायल एवं मूर्छित श्रद्धालुओं को तत्काल फस्ट-ऐड उपलब्ध कराकर नजदीकी केम्पों में सुरक्षित पहुंचाया गया।
  5. प्रतिदिन वेदनी से ऊपर के पड़ावों में बगैर टैण्ट वाले श्रद्धालुओं को एकत्रित कर अलग से  टैण्टों की व्यवस्था कर रात्रि विश्राम कराया गया व टैण्ट लगाने में श्रद्धालुओं तथा NIM (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) के कर्मचारियों की मदद की गयी।
  6. प्रतिदिन माइक (पी.ए.) सिस्टम द्वारा श्रद्धालुओं को मौसम की जानकारी दी गयी एवं खोया-पाया केन्द्र का संचालन किया गया। इस दौरान यात्रा के उच्च हिमालयी क्षेत्र ज्यूरागली में लगभग 500 से 600 ऐसे श्रद्वालुओं जो चलने मे असमर्थ थे, उन्हें एस.डी.आर.एफ. के जवानों द्वारा मदद प्रदान की गयी।
  7. इस यात्रा के दौरान भगुवासा से रूपकुण्ड मार्ग तथा शिला समुद्र से होमकुण्ड मार्ग के बीच श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या होने तथा दुर्घटना/हादसों की सम्भावना के दृष्टिगत एस.डी.आर.एफ. द्वारा इन स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती गयी, जिससे भगदड़ की सम्भावनाएँ न्यूनतम हो गई व यात्रा सकुशन सम्पन्न हुई।
  8. पश्चिम बंगाल निवासी व्यक्ति श्री अमरनाथ को रात्रि में जयूरागली से शिला समुद्र तथा शिला समुद्र से चन्दनियांघाट तथा वापस शिला समुद्र हैलीपेड तक लगभग 27 कि.मी. एस.डी.आर.एफ. के जवानों द्वारा कन्धों पर पहुंचाया गया, जहां से उसे हेलीकाप्टर द्वारा उपचार हेतु कर्णप्रयाग पहुंचाया गया।
  9. श्रीमती सरस्वती देवी निवासी मेरठ को मूर्छित अवस्था में रूपकुण्ड से वेदनी लाकर प्राथमिक उपचार प्रदान कर लगभग 24 कि.मी. का दुर्गम रास्ता पार कर वांण सड़क मार्ग तक सुरक्षित पहुंचाया गया।
  10. 31 अगस्त, 2014 की मध्य रात्रि में पातर नचैणिया से कनौल मार्ग के दौरान रात्रि में घने कोहरे में भटके लगभग 22 श्रद्वालुओं को एस.डी.आर.एफ. द्वारा उनके गांव कनौल पहुंचाया गया।
  11. श्री सोहन सिंह को मूर्छित अवस्था में होमकुण्ड से पीठ व स्ट्रेचर पर रेस्क्यू कर एस.डी.आर.एफ. कैम्प-चन्दनियां घाट पहुंचाया गया।
  12. यात्रा को सफल संपन्न कराने के लिए श्रद्धालुओं द्वारा एस.डी.आर.एफ. की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई तथा पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड महोदय द्वारा रू 20000/- पारितोषिक प्रदान किया गया।
  13. श्री नन्दा देवी राजजात यात्रा के सफल आयोजन कराने पर माननीय मुख्यमंत्री, श्री हरीश रावत द्वारा एस.डी.आर.एफ. को हार्दिक बधाई देते हुएं उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये।

 

राहत एंव बचाव कार्य

जनपद उत्तरकाशी 

1.   दिनांक 10.06.2014- हर्षिल से 1.5 कि.मी. दूर बंगोरी गाँव  उत्तरकाशी में रूसी पर्यटको से भरे एक टैम्पो टैवलर के नदी किनारे 200 मीटर गहरी खाई में गिर जाने की सूचना पर एस.डी.आर.एफ. टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य करते हुए 11 घायलों व 2 मृतकों के शवों को निकाला गया।

2.   दिनांक 17.07.2014- भोजवासा, जिला उत्तरकाशी में अत्यधिक भारी वर्षा व भूस्खलन के कारण अवरूद्ध हुए मार्गो में योगगुरू बाबा रामदेव व उनके सहयोगियों के फंसे होने पर एस.डी.आर.एफ. टीम द्वारा पैदल मार्ग से योगगुरू बाबा रामदेव व उनके सहयोगियो को सकुशल भोजवासा से गंगोत्री पहुंचाया गया।

3.   दिनांक 13.11.2014- डामटा के निकट यमुना नदी में दिल्ली से घूमने आए प्रेमी युगल हत्याकाण्ड में लापता हुई महिला की तलाश हेतु एस.डी.आर.एफ. की टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाकर लापता युवती के शव को यमुना नदी से बरामद किया।

 

जनपद रूद्रप्रयाग 

1.   केदारनाथ मार्ग में मानव कंकालो के मिलने की सूचना पर दिनांक 13.06.2014 से दिनांक 15.06.2014 तक एस.डी.आर.एफ. टीमों द्वारा स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाकर काफी मानव कंकाल खोजे गये, जिनका धार्मिक रीति अनुसार विधिवत दाह संस्कार किया गया।

2.   दिनांक 02.08.2014- लिनचैली में मंदाकिनी नदी के बीचों-बीच बने टापू में एक साधु के फंसे होने पर एस.डी.आर.एफ. टीम द्वारा सकुशल बाहर निकाला गया तथा प्राथमिक उपचार दिया गया।

3.   दिनांक 05.07.2014- जंगलचटटी में एक वृद्ध महिला के गंभीर घायलावस्था में होने की सूचना पर एस.डी.आर.एफ टीम द्वारा उपरोक्त मरणासन्न वृद्ध महिला को सुरक्षित चिकित्सालय तक पहुंचाया गया।

4.   दिनांक 16.07.2014- केदारनाथ यात्रा मार्ग में अत्यधिक वर्षा के कारण 126 तीर्थ यात्रियों के फंसे होने की सूचना पर एस.डी.आर.एफ की टीम द्वारा उपरोक्त तीर्थ यात्रियों को सकुशल लिनचैली तक पहुंचाया गया।

 

जनपद चमोली 

1.   दिनांक 21.6.2014- चमोली जिले के घाट ब्लॉक के सेमा गांव में भारी वर्षा के कारण मलवा आने से उसमें 6 भवनो के ढहने एवं उसमें एक महिला व दो बच्चों के दबे होने की सूचना पर लामबगड में मौजूद एस.डी.आर.एफ. की टीम द्वारा घटना स्थल पर 5 घण्टे तक चले सर्च एण्ड रेस्क्यू ऑपरेशन में मलवे में दबी एक महिला व दो बच्चो के शवों को निकाला गया।

2.   दिनांक 14.11.2014- ग्राम पाण्डुकेश्वर के पास अलकनंदा नदी में एक लडकी के छलांग लगा देने की सूचना पर एस.डी.आर.एफ. की टीम द्वारा सर्च एण्ड रेस्क्यू ऑपरेशन करते हुये लडकी के शव को अलकनन्दा नदी से निकाला गया।

3.   दिनांक 25.08.2014- नौली गांव, जनपद चमोली में सडक दुर्घटना मे एक स्विफ्ट कार के पिण्डर नदी में गिर जाने पर एस.डी.आर.एफ की टीम द्वारा सर्च एण्ड रेस्क्यू ऑपरेशन करते हुए 3 घायलों व 2 व्यक्तियों के शवों को निकाला गया।

4.   दिनांक 18.09.2014- नागनाथ मन्दिर के निकट अलकनन्दा नदी में फंसे एक व्यक्ति को एस.डी.आर.एफ. की टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। उपरोक्त व्यक्ति गोपाल सिंह मेहर पुत्र श्री फकीर सिंह ग्राम व पोस्ट जोशीमठ, जनपद चमोली दिनांक 05.09.2014 से लापता था, जिसकी गुमशुदगी थाना-बद्रीनाथ में दर्ज थी।

 

जनपद देहरादून 

1.   दिनांक 16.08.14- काठ बंगला बस्ती, साई मंदिर, देहरादून के निकट अत्यधिक वर्षा होने के कारण मकान ध्वस्त होने पर एस.डी.आर.एफ. टीम द्वारा रेस्क्यू आॅपरेशन कर जमींदोज हो चुके घरों से एक घायल महिला व 07 मृतकों के शवों को निकाला गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के पर्यवेक्षण के लिये श्री राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड, श्री संजय गुंज्याल पुलिस उपमहानिरीक्षक, एस.डी.आर.एफ. एवं सुश्री पी रेणुका देवी, सेनानायक, एस.डी.आर.एफ. भी घटनास्थल पर उपस्थित रहें ।

इस सराहनीय कार्य के लिये राजपुर विधायक श्री गणेश जोशी ने एस.डी.आर.एफ. की त्वरित कार्यवाही एवं साहसिक कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुये विधायक निधि से एस.डी.आर.एफ. के संसाधन क्रय करने हेतु 2 लाख रूपये व टीम को 21,000 रूपये प्रोत्साहन हेतु देने की घोषणा की गयी।

2.  दिनांक 16.08.2014- मालदेवता, थाना रायपुर, जनपद देहरादून में नदी में आई बाढ़ में फंसे स्थानीय लोगो को एस.डी.आर.एफ. टीम द्वारा सकुशल व सुरक्षित नदी पार कराया गया।

 

जनपद पौडी गढवाल 

1.   दिनांक 15.08.2014- थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्र में बादल फटने व अत्यधिक वर्षा से नदी किनारे बसे गांवो मे आई बाढ में नदी के मध्य बने टापू पर फंसे 02 बच्चों व 02 वृद्ध महिलाओं को एस.डी.आर.एफ. टीम द्वारा सकुशल व सुरक्षित बाहर निकाला गया।

2.   ग्रामसभा धमन, यमकेश्वर ब्लॉक में बादल फटने के कारण ध्वस्त एक मकान के मलबे में एक महिला एवं दो पुरूष दब गये थे, जिसमें स्थानीय पुलिस द्वारा एक महिला व एक पुरूष के शव को बरामद कर लिया गया था। एस0डी0आर0एफ0 टीम द्वारा दिनांक 17.08.2014 को घटनास्थल पर पहुंचकर सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारम्भ किया गया तथा दिनांक 19.08.2014 की प्रातः मलबे से एक अन्य व्यक्ति विनोद उम्र 22 वर्ष के शव को निकाला गया।

    इसी क्रम मे दिनांक 17.8.2014 को श्री संजय गुंज्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, एस.डी.आर.एफ.एवं सुश्री पी. रेणुका देवी, सेनानायक, एस.डी.आर.एफ. के नेतृत्व में 20 सदस्यीय टीम हेलीकॉप्टर द्वारा यमकेश्वर ब्लॉक, पौडी गढ़वाल में बादल फटने के कारण फंसे लोगों को बचाने हेतु रवाना हुई जहाँ से उपरोक्त टीम द्वारा 37 व्यक्तियों को हेलीकॉप्टर से सकुशल, ऋषिकेश पहुँचाया गया। जिसमें एक विकंलाग व्यक्ति एवं दो गर्भवती महिलाए भी शामिल थी। एस0डी0आर0एफ0 द्वारा उपरोक्त घटना स्थल पर सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ-साथ राहत सामग्री भी वितरित की गयी।

 

जनपद टिहरी गढवाल 

1.        दिनांक 31.07.2014- जनपद टिहरी के घनसाली क्षेत्र में स्थित जखन्याली गांव में बादल फटने से अत्याधिक जान माल की हानि हुई। उपरोक्त घटना की सूचना पर एस.डी.आर.एफ. टीम द्वारा घटनास्थल में पहुंचकर त्वरित गति से राहत एवं बचाव का कार्य किया गया । खोज बचाव के दौरान मलबे में दबे सोने के आभूषण व महत्वपूर्ण दस्तावेजों के प्राप्त होने पर एस.डी.आर.एफ. टीम द्वारा मौके पर उपस्थित उच्चाधिकरियों के सुपुर्द किया गया। एस.डी.आर.एफ. टीम का उपरोक्त घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य दिनांक 31.07.2014 से दिनांक 06.08.2014 तक चला।

 

जन जागरूकता अभियान

   जन जागरूकता अभियान किसी भी प्रकार की आपदा में बचाव का सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिन्दु है चूंकि किसी भी प्रकार की आपदा में स्थानीय जनता ही फर्स्ट रेसपोन्डर होती है। यदि स्थानीय जनता को आपदा बचाव से सम्बन्धित मूलभूत ज्ञान प्राप्त हो तो वह स्वयं का बचाव करते हुए प्रशिक्षित राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) के पहुँचने से पूर्व प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर आपदा से होने वाले क्षति को कम कर सकते हैं।

   अतः जनता को राहत व बचाव कार्य के विषय में प्रशिक्षित व जागरूक किया जाना नितान्त आवश्यक है।

   एस.डी.आर.एफ. वाहिनी द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के आपदा सम्भावित क्षेत्रों मे राहत एवं बचाव कार्य करने के अतिरिक्त स्थानीय जनता को प्राकृतिक व अप्राकृतिक आपदाओ से बचाव के तरीके व आपदा के प्रति जागरूक करने सम्बन्धी अभियान चलाया जा रहा है।

  वर्तमान समय तक एस.डी.आर.एफ. वाहिनी द्वारा निम्न गाँवों/क्षेत्रो में जन-जागरूकता अभियान चलाया जा चुका है।

जनपद देहरादून- गाँव सरखेत, रागड़, भैसण, कठोड, सरना, नाली गाँव, भेमपुड़का, सिंकीधार, फडियाकाटा, सुआखोली, पी.एम.एस. स्कूल (पुलिस लाईन देहरादून), गुरूनानक दून वेल पब्लिक स्कूल (रेसकोर्स, देहरादून), गुरूनानक पब्लिक गर्ल्स इण्टर कॉलेज(रेसकोर्स, देहरादून), दून कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल (रेसकार्स, देहरादून), लिटिल फ्लावर पब्लिक स्कूल, देहरादून।

जनपद पिथौरागढ- गाँव घाट, हल्दू, जौलजीवी, खोलिया, हेलपिया, जिमकोट, बगडीहाट, कोहली, हुडकी, गरारी, डीडीहाट, मुन्सयारी, जिमीवार, सेमर, डूंगर, तला, पापडी, गिर गाँव, किमखेत, डोर।

जनपद रूद्रप्रयाग- फाटा, बडासू, अगस्तमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, कालीमठ, सैमी गाँव।

जनपद चमोली- गोविन्दघाट, पाण्डुकेश्वर, लाम्बगड, जोशीमठ(मारवाडी), सुनील गाँव, पैनी, सेलंग, सिंहद्वार, बिरही, क्षेत्रपाल, कोटियाल सैंण, कसवाघाट, तीरफाक, नन्दप्रयाग, तफेना, कालेश्वर, नसीर बाजार, मस्किट बाजार, राठीबगड, केदारबगड, हरमनी, सुनला, सिगलसैण, नगरासू, गोचर, कर्णप्रयाग, ल्वाणी(देवाल)।

जनपद उत्तरकाशी- मांडू, लक्षेश्वर, गंगोरी, ज्ञानशू, मातली, चामकोट, गेवला, डूंडा, रतूडीसेरा, दिलसौड, उत्तरो, संगमचटटी, नैताली, भटवाडी, सैंज, धरासूं बैड, बरमखाल, नालापानी, बडेथी, छटांगा, खरादी, बडकोट, स्याणचटटी, बाढिया, रानाचटटी, हनुमानचटटी, फूलचटटी, नारदचटटी।